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आशीर्वाद गीत गंगा ग़ज़ल सागर_समारोह सम्पन्न

 
भजन सम्राट पद्मश्री अनूप जलोटा के हाथों कृष्ण पद का विमोचन

अमर त्रिपाठी

मुंबई -आज के समय में ऐसे साहित्यिक और सांस्कृतिक आयोजन विरले मिलते हैं जहाँ गंभीर साहित्यिक गोष्ठियाँ और उच्चस्तरीय कवि सम्मेलन हो, वहीं आशीर्वाद संस्था द्वारा आयोजित “गीत गंगा ग़ज़ल सागर” ने साहित्य, संगीत और संस्कृति का एक अविस्मरणीय संगम प्रस्तुत किया। यह उद्गार साझा किये सुप्रसिद्ध भजन सम्राट पद्मश्री अनूप जलोटा जी ने जो  मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर, कवि दास नारायण अग्रवाल की कृति “कृष्ण पद” का भव्य लोकार्पण हुआ।

पुस्तक के अनावरण के साथ ही कृष्ण भक्ति पर सारगर्भित विचारों का आदान-प्रदान किया गया प्रो. करूणाशंकर उपाध्याय, विरेन्द्र याज्ञिक, नेशनल एक्प्रेस के संस्थापक विपिन गुप्ता ने, जिन्होंने कार्यक्रम में गरिमा प्रदान की।

इस अवसर पर आशीर्वाद के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल एवं सुभाष अग्रवाल ने अनूप जलोटा को आशीर्वाद रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया सुधिजनों के बीच, जिसमें सूफी गायिका कविता सेठ ने भजन गाकर सबका दिल जीत लिया, साथी अरुण बख्शी ने भी अपनी गायकी से समां बांध दिया।


कार्यक्रम का सबसे भावपूर्ण क्षण तब आया जब भजन सम्राट अनूप जलोटा ने बिना किसी वाद्य-संगत के, केवल अपनी मधुर और सधी हुई आवाज़ में तरन्नुम के साथ, अनेक लोकप्रिय भजन प्रस्तुत किए। उनकी सुरमयी प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भक्तिरस में सराबोर कर दिया और अनूप जलोटा की सहज, आत्मीय और भावपूर्ण प्रस्तुति ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्चा संगीत किसी वाद्य का मोहताज नहीं होता जिसे श्रोताओं ने अपनी तालियों की गड़गड़ाहट से उनके में ताल मिलाया ।

4 घंटो तक चले इस कार्यक्रम में  “गीत गंगा ग़ज़ल सागर” में प्रतिष्ठित कवियों और शायरों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ किया जिनमें थे देवमणि पांडेय, महेश दुबे, नारायण अग्रवाल, ओबेद आज़म आजमी, नवीन चतुर्वेदी, अर्चना जौहरी, डॉ शैलेश श्रीवास्तव, रजिया रागिनी व विनोद दुबे, रवि यादव, शिवदत्त अक्स । शायराना अंदाज में कुमार जैन ने कार्यक्रम का बहुत ही सुंदर संचालन किया।
 
राजेश विक्रांत ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और आशीर्वाद की निदेशिका नीता बाजपेई ने शब्दों से सबका स्वागत किया ।
इस अवसर पर सुलेमान फारुकी, आफ्ताब आलम, अमरिश कुमार, गुलशन मादान, संजीव शुक्ला, दालचंद गुप्ता, ममता सिंह, रीमा राय सिंह, अमर त्रिपाठी, अजय गोविंद, रवि जैन, अशोक त्रिवेदी, श्रेयांश शुक्ला, नरोत्तम शर्मा, शुभकीर्ती महेश्वरी, बूबना, निरुपमा श्रीवास्तव, अनिल गलगली, विवेक अग्रवाल, कृष्णा गौतम, डॉ बनमली चतुर्वेदी, डॉ जेपी बघेल, पूर्व पुलिस कमिश्नर सोनटके, रागिनी प्रसाद, मंजुला जगतरामका, कमर हाजिपुरी, प्रेम प्रकाश दुबे, राकेश दुबे के साथ अनेकानेक रचनाधर्मियों सहित स्रोताओं से मिला प्रतिसाद एक सुखद अनुभूति की भाँति रहा और इस प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए यह गौरवशाली परंपरा डॉ उमाकांत बाजपेई की स्मृति में आयोजित हुई, अनेक ललितकला प्रेमियों से खचाखच भरे सभागार में कार्यक्रम के आरम्भ से अन्त तक करतल ध्वनियाँ गूँजती रहीं।
                            राजेश विक्रांत , आशीर्वाद
 

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