मुंबई-्तीन महीने तक पुलिस के संपर्क में रहकर किया लगातार प्रयास, भंडारा और बिहार तक पहुंची जांच
मुंबई, 30 अक्टूबर। शिवसेना की राष्ट्रीय सचिव एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता शायना एन.सी. के फोन को हैक कर उनके परिचितों से की गई साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने ₹3.15 लाख की रकम वापस दिलाने में सफलता हासिल की है।

शायना एन.सी. के लगातार तीन महीने के प्रयास और पुलिस के साथ समन्वय से यह रकम बरामद हो सकी।16 जुलाई 2026 को साइबर अपराधियों ने शायना एन.सी. का फोन हैक कर उनकी संपर्क सूची में शामिल लोगों को संदेश भेजे। उनके नाम पर ₹49 हजार की तत्काल जरूरत बताकर दो घंटे में रकम लौटाने का झांसा दिया गया। इस तरह महज तीन घंटे में नौ लोगों ने करीब ₹4.90 लाख ठगों के खातों में भेज दिए।
फोन हैक होने की जानकारी मिलते ही शायना एन.सी. ने गामदेवी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रशांत मोहिते, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रवीणकुमार साळुंखे और पुलिस उपनिरीक्षक वीरेंद्र सिंह खांडाडे के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा और ठगी की रकम वापस मिलने तक जांच जारी रखने का आग्रह किया।पुलिस उपनिरीक्षक वीरेंद्र सिंह खांडाडे के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महाराष्ट्र के भंडारा जिले और बिहार तक जांच का विस्तार किया।
पुलिस ने भंडारा से ₹1.68 लाख और बिहार से ₹98 हजार नकद बरामद किए। वहीं पीड़ित पंकज जैन की समय रहते बैंक को दी गई सूचना के कारण ₹49 हजार की रकम फ्रीज कर सुरक्षित वापस मिल गई। हालांकि ठगों द्वारा निकाली गई ₹67 हजार की शेष राशि की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
शायना एन.सी. ने गामदेवी पुलिस की कार्रवाई के लिए आभार जताते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों ने रकम वापस दिलाने के लिए दिन-रात प्रयास किए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनके नाम और प्रतिष्ठा पर भरोसा कर अपनी मेहनत की कमाई गंवाई थी, उनके प्रति उनकी नैतिक जिम्मेदारी थी। केवल शिकायत दर्ज कराना पर्याप्त नहीं था, बल्कि पीड़ितों को न्याय मिलने तक प्रयास करना जरूरी था।
उन्होंने नागरिकों से साइबर धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

