महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुणे की अपनी यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए प्रमुख राजनीतिक चिंताओं को संबोधित किया। अपने प्रतिद्वंद्वियों पर निशाना साधते हुए डिप्टी सीएम ने विपक्ष पर आरक्षण खत्म करने, संवैधानिक में बदलाव और मुस्लिम समुदाय को खतरे के बारे में डर फैलाकर लोकसभा चुनाव में जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को लाभ मिला क्या वे केवल हिंदू हैं? नहीं, सभी धर्मों के लोग इसमें शामिल हैं। और यही बात विपक्ष को परेशान कर रही है। उन्होंने ऐतिहासिक हस्तियों को सम्मानित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि जो लोग उनके बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते हैं, उन्हें परिणाम भुगतने चाहिए। उनकी टिप्पणी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और महाराष्ट्र के सांस्कृतिक प्रतीकों के सम्मान को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आई है।
ईद से पहले मुस्लिम समुदाय को ईदी के तौर पर ‘सौगात-ए-मोदी’ किट बांटने को लेकर विपक्ष की आलोचना पर डिप्टी सीएम शिंदे ने निशाना साधा। उन्होंने कहा ये वही लोग हैं जिन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान फेक नैरेटिव फैलाया था कि आरक्षण खत्म हो जाएगा, संविधान बदल दिया जाएगा। जिन लोगों ने मुसलमानों के लिए डर पैदा किया, सब कुछ किया, संविधान खतरे में है ऐसा कहा, अब वही लोग पीएम मोदी पर आरोप लगा रहे हैं।
शिवसेना प्रमुख ने कहा कि पीएम मोदी ने 35 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाया है, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देते हैं। लखपति दीदी योजना है, ड्रोन दीदी योजना है, जन धन योजना है, क्या इसमें केवल हिंदू हैं? क्या मुस्लिम, ईसाई इसमें शामिल नहीं हैं? सभी लोग शामिल हैं, कोई भेदभाव नहीं है। ये योजनाएं सभी समाज और सभी धर्मों के लोगों के लिए उपलब्ध हैं। इसलिए लोकसभा चुनाव से ही विपक्ष के पेट में दर्द हो रहा है
मोदी सरकार में किसी के साथ नहीं भेदभाव: एकनाथ शिंदे

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