
रिपोर्ट – पार्थसारथि थपलियाल)
दिल्ली – स्वाधीनता प्राप्ति के बाद भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार पटेल का 565 देशी रियासतों का भारत संघ में विलय करने में अतुलनीय योगदान रहा। उनके दृढ़ संकल्पों को मूर्त देने के स्वभाव के कारण उन्हें लौह पुरुष की संज्ञा मिली। सरदार पटेल भारत के प्रथम सूचना एवं प्रसारण मंत्री भी थे। उनकी स्मृति को बनाए रखने के लिए 1955 से आकाशवाणी ने उनकी स्मृति में सरदार पटेल स्मृति व्याख्यान की शुरुआत की।

सरदार पटेल स्मृति व्याख्यान 2026 का आयोजन 27अक्टूबर को आकाशवाणी के रंग भवन सभागार में किया गया। इस प्रतिष्ठित व्याख्यान के मुख्य वक्ता केन्द्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकासमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जिन्होंने अपरिहार्य कारण से वर्चुअल माध्यम से श्रोताओं को संबोधित किया।

आरम्भ में प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने अतिथियों का स्वागत किया और लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल के योगदान की चर्चा की।
इस बार व्याख्यान का विषय था “सरदार पटेल व्यक्ति और व्यक्तित्व” विषय के वक्ता शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन का आरंभ स्वतंत्रता आंदोलन के अमर शहीदों और क्रांतिकारियों को स्मरण करते हुए किया। उन्होंने लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा 565 देवी रियासतों के विलय विशेष रूप से भोपाल, जूनागढ़ और हैदराबाद रियासतों के भारत संघ में विलय संबंधी कार्य को विस्तार से बताया। सरदार पटेल ने खेड़ा का किसान आंदोलन और बारदोली का सत्याग्रह के प्रसंग पर शिवराज सिंह चौहान ने प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास की जो दृष्टि उन्होंने 1935 में दी, उस काल में उस विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती। सरदार साहब की कल्पनाओं को वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना और भारत जी रामजी योजनाओं के माध्यम से कर रहे हैं।
सरदार साहब का संकल्प था कि सोमनाथ के मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाना चाहिए। यह संकल्प 1951 में पूरा हुआ। भारतीय प्रशासनिक सेवा और पुलिस प्रशासन की स्थापना जिस तरह उन्होंने की, उस दृष्टि को हम नमन करते हैं।
रंगभवन सभागार दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था। दर्शकों करतल ध्वनि से आकर्षक व्याख्यान पर अपनी मोहर लगाई। अंत में आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव जैन ने मुख्य वक्ता, केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और आमंत्रित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। व्यवस्था में आकाशवाणी दिल्ली केंद्र की कार्यक्रम प्रमुख मनीषा जैन और सहायक निदेशक प्रमोद कुमार वत्स की भूमिका सराहनीय रही। इस व्याख्यान का प्रसारण 31 अक्टूबर को रात 9.30 बजे राष्ट्रीय नेटवर्क पर किया जाएगा।
(रिपोर्ट – पार्थसारथि थपलियाल)

