जय बदरी विशाल की उद्घोषणा से गूंजा वसई उपनगर * पधारे बदरीनाथ हर दिन हो सकेगें दर्शन
पालघर वसई में श्री बद्रीनाथ मंदिर अब भक्तों के लिए खुला

प्रवीन चंद ठाकुर की रिपोर्ट

वसई (पश्चिम) में उत्तरांचल मित्र मंडल के तत्वावधान में श्री बद्री विशाल मंदिर एवं मानव कल्याण केंद्र द्वारा 18 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026 तक भव्य धार्मिक महोत्सव का सफल आयोजन किया गया।

इस ऐतिहासिक आयोजन के उपरांत वसई में श्री बद्रीनाथ मंदिर अब भक्तों के लिए विधिवत रूप से खोल दिया गया है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

यह आयोजन उत्तरांचल मित्र मंडल की लगभग 35 वर्षों की श्रद्धा, साधना और अथक परिश्रम का दिव्य परिणाम है।

महोत्सव के अंतर्गत भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जो स्वामीनारायण मंदिर से प्रारंभ होकर सन सिटी स्थित मंदिर परिसर तक पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विशेष रूप से महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर यात्रा की शोभा बढ़ाई। ढोल-ताशों की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।

इस पावन अवसर पर श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरी जी महाराज के करकमलों से विधिवत पूजा-अर्चना एवं कलशारोहण सम्पन्न हुआ। देशभर से आए विद्वान ब्राह्मणों ने सनातन परंपरा के अनुसार सभी धार्मिक अनुष्ठानों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

भावुक हुए मंडल की दर्जनभर भक्तमंडली —दो दशकों से जय बदरी विशाल की उद्घोषणा करते हर छोटे-बड़े उत्तराखंड समाज के कार्यक्रमों में पहुंचने वाले गिने चुने सात – आठ चेहरों में से दो चेहरे अब नहीं है मगर जो हैं उनके चेहरे कल सालों पुराने भव्य दिव्य श्री बदरीनाथ मंदिर के निर्माण के देखे दिखाये सपने पूर्ण होने पर दमक रहे थे उनके चेहरों पर अपार हर्ष और उल्लास की जो झलकियां दिख रही थी उन्हें देखते ही बनता था। तीन दिनों से ही पूजा- पाठ वैदिक कर्मों से थके मांदे शरीर भी कल उन सबके स्वागत के लिए नतमस्तक थे जिन्होंने अपनी कमाई का आंशिक हो या बड़ा दान इस मंदिर निर्माण के लिए दिया था उनकी सेवा सुश्रुषा में लगे दिखाई दिए।

इस महोत्सव को सफल बनाने में अध्यक्ष माधवानंद भट्ट, महासचिव महेश चंद्र नैनवाल, कोषाध्यक्ष कुंदन सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह मेहरा, गोविंद पांडे, महेंद्र सिंह रावत, मनोहर सिंह रौथाण, महेंद्र सिंह धामी, मोहन सिंह राजपूत, नरेंद्र पाल नेगी, गोपाल सिंह कार्की, होशियार सिंह दसोनी, चंद्रकांत शर्मा, उमाकांत गोदियाल, गणेश भारद्वाज तथा लज्जावंती भट्ट सहित सभी सदस्यों का विशेष योगदान सराहनीय रहा।पांच दिनों तक चले इस भव्य धार्मिक आयोजन से वसई क्षेत्र पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा और अब मंदिर के खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं के दर्शन का क्रम निरंतर जारी है।