लोकभाषा और संस्कृति के संरक्षण का संदेश देगा ‘बोली भाषा 2026’

कार्तिक खंकरियाल
नवी मुंबई। उत्तराखंडी लोकभाषाओं को घर-परिवार और समाज में अपनाने तथा समृद्ध लोकसंस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से देवभूमि प्रतिभा संस्कृति फाउंडेशन और स्वतंत्र जनसमाचार के संयुक्त तत्वावधान में ‘बोलोभाषा 2026’ का आयोजन किया जा रहा है।
शनिवार, 12 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक आगरी कोली भवन, सेक्टर 24, नेरुल (पश्चिम), पाम बीच रोड के पास, नवी मुंबई में आयोजित होने वाला यह सांस्कृतिक महोत्सव उत्तराखंडी बोली-भाषा, परंपरा और सामाजिक एकता को समर्पित रहेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वन मंत्री गणेश नाईक की प्रमुख उपस्थिति में होगी वहीं नवीं मुंबई की महापौर समेत कई प्रमुख लोगों की कार्यक्रम में पहुंचने की गवाही देवभूमि प्रतिभा संस्कृति फाउंडेशन डीपीएस के प्रमुख प्रवीन चंद ठाकुर ने स्वीकार की।
कार्यक्रम में उत्तराखंडी नाट्य प्रतियोगिता विशेष आकर्षण होगी, जिसमें लोकसंस्कृति, परंपराओं तथा समकालीन सामाजिक विषयों को नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। इस अवसर पर समाज, संस्कृति और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
इसके साथ ही चुनौतियों को पार कर स्वावलंबन और स्वरोजगार की मिसाल कायम करने वाले दृष्टिबाधित उद्यमियों को प्रोत्साहन सम्मान प्रदान किया जाएगा। आयोजकों ने मुंबई और नवी मुंबई के उत्तराखंडी समाज से सपरिवार सहभागिता कर इस सांस्कृतिक पहल को मजबूत बनाने का आह्वान किया है। ‘बोलोभाषा 2026’ का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, लोकभाषा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है।

