नवी मुंबई नेरुल के कोली आगरी एडिटोरियम में बोली भाषा 2026 सम्मान समारोह में उत्तराखंडी लोकभाषाओं को पहली बार शानदार मंच मिला जिसमें मंच संचालन से लेकर वक्ताओं ने केवल गढ़वाली- कुमाऊनी में ही अपनी बात रखी कही.
नवी मुंबई। देवभूमि प्रतिभा संस्कृत फाउंडेशन (डीपीएस फाउंडेशन) के तत्वावधान में ‘बोली भाषा 2026’ का द्वितीय आयोजन 12 सितंबर को आग्री कोली समाज हॉल नेरुल में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रहलाद सिंह अधिकारी ने की। आचार्य संतोष खंडूरी राज्य मंत्री उत्तराखंड सरकार ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर नाट्य प्रतियोगिता के निर्णायक सुलोचना कपिल ममता भट्ट विनीता तिवारी सुरेश काला और संतोष पलखीकर सहित हयात सिंह राजपूत मनोज भट्ट आनंदी गैरोला तथा मिनाक्षी भट्ट उपस्थित रहे।

नेरुल की महिला टीम ने मांगल गीत एवं गणेश वंदना प्रस्तुत की। समारोह में उत्तराखंड के समाजसेवी एवं लोकगायक देवकीनंदन कांडपाल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके जीवन एवं योगदान का परिचय कुमाऊनी भाषा में संचालक नीरज सिंह अधिकारी ने दिया। दो मिनट का मौन रखकर उनकी स्मृति को नमन किया गया। प्रदीप रावत ने गोपाल बाबू गोस्वामी का वह गीत प्रस्तुत किया जिसे कांडपाल गाया करते थे।

कार्यक्रम में डीपीएस फाउंडेशन के उद्देश्यों और गतिविधियों पर प्रकाश डाला गया। बताया गया कि संस्था उत्तराखंडी बोली-भाषा के संरक्षण सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों के सम्मान तथा युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने पर विशेष रूप से कार्य कर रही है। संस्था ने लोगों से घर-परिवार और उत्तराखंड में रह रहे परिजनों से अपनी मातृबोली में संवाद करने का आह्वान किया ताकि लोकभाषाओं की विरासत अगली पीढ़ी तक सुरक्षित रह सके।


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इसी उद्देश्य से कुमाऊनी और गढ़वाली में नाट्य प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें पांच टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को अपनी भाषा अभिनय और लोकसंस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया गया। उत्कृष्ट कलाकारों को भी सम्मानित किया गया।

प्रथम द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार संबंधित विजेता टीमों को प्रदान किए गए। प्रथम पुरस्कार अनमोल प्रोडक्शन की मीनाक्षी भट्ट तथा द्वितीय पुरस्कार उत्तराखंड की फिल्म ‘बाला गोरिया’ की टीम के हाथों प्रदान किया गया।

पंत की स्मृति में नौ प्रतिभाओं का सम्मान
समारोह में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति सामाजिक सेवा और शैक्षणिक क्षेत्र में योगदान देने वाले नौ व्यक्तियों एवं संस्थाओं को भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की स्मृति में सम्मानित किया गया।

नवी मुंबई की महापौर सुजाता सूरज पाटिल ने पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने बोली-भाषा के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सहयोग का आश्वासन दिया।

सम्मानित होने वालों में नंदकिशोर नौटियाल (संस्कृति रत्न) गढ़वाल भ्रातृ मंडल (संस्कृति भूषण) नैनसिंह रावत शंभू प्रसाद मिश्रा कुसुम जुयाल भीष्म कुकरेती मीनाक्षी भट्ट जया बिष्ट और सरस्वती कुकरेती शामिल रहे।
डीपीएस फाउंडेशन ने नेत्रहीन उद्यमियों के प्रोत्साहन की पहल के तहत एनएवी के निदेशक चार्ल्स राव तथा नेत्रहीन उद्यमी भारत नायर और श्रीकांत चटियार का स्वागत एवं सम्मान किया। सुंदर सिंह ठाकुर और डीआईजी (सीआरपीएफ) रविंद्र रौतेला ने उन्हें सम्मानित किया।

समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य संतोष खंडूरी ने आयोजन की सराहना की और सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यों में सक्रिय युवाओं को सहयोग देने का आह्वान किया।
उन्होंने उत्तराखंड सरकार की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी साझा करते हुए समाज में एकता भाईचारे और परस्पर सहयोग बनाए रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन कुमाऊनी में नीरज सिंह अधिकारी तथा गढ़वाली में शीला डपोला और दिशा आर्य ने किया। ‘बाला गोरिया’ फिल्म टीम की ओर से दिनेश बिष्ट मुकेश बटवाल और सुरेंद्र रावत ने मुंबई में आगामी श्रृंखला के लिए ऑडिशन की जानकारी दी। नाट्य प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को भी अवसर देने की बात कही गई। समापन पर प्रतिभागियों और कलाकारों ने सामूहिक नृत्य के साथ समारोह को उत्सवमय बना दिया।

