वेदांत और आधुनिक जीवन के समन्वय पर रहेगा जोर
मिशन के वैश्विक प्रमुख स्वामी स्वरूपानंद जी ने मुंबई में
मुंबई, १५ अक्टूबर। चिन्मय मिशन के ७५वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित वैश्विक अमृत महोत्सव सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी २३ अक्टूबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में करेंगे।
२५ अक्टूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन में २५ देशों के प्रतिनिधियों के सम्मिलित होने की अपेक्षा है। इस दौरान आध्यात्मिक प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ज्ञानपरक प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।

मिशन के वैश्विक प्रमुख स्वामी स्वरूपानंद ने मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य स्वामी चिन्मयानंद की आध्यात्मिक विरासत को जन-जन तक पहुँचाना तथा वेदांत के शाश्वत ज्ञान को समकालीन जीवन से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि मिशन बालविहार, युवा केंद्रों, मूल्यपरक शिक्षा और ग्रामीण विकास के माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों एवं आत्मविकास को प्रोत्साहित कर रहा है। ‘गीता पंचामृत’ पहल के अंतर्गत भगवद्गीता के पाँच श्लोकों के माध्यम से जीवनमूल्यों, भावनात्मक संतुलन और व्यक्तित्व निर्माण का संदेश दिया जा रहा है।

सम्मेलन में भजन, नृत्य, आध्यात्मिक विमर्श तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रसिद्ध संगीतकार रिकी केज से जुड़ी विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी। मिशन की ७५ वर्षों की यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। आयोजकों के अनुसार, यह सम्मेलन भारतीय ज्ञान परंपरा के वैश्विक प्रसार और भावी पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर बनेगा।

