नशामुक्त भारत के संकल्प के साथ युवाओं को किया जागरूक
भारत विकास परिषद् एवं चंद्रभान शर्मा महाविद्यालय की संयुक्त संगोष्ठी में आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े ने किया प्रेरित

मुंबई, 29 अगस्त। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक कर नशामुक्त समाज और नशामुक्त भारत के निर्माण का संदेश देने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद्, पवई-चांदिवली शाखा एवं चंद्रभान शर्मा महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव एवं नशामुक्ति जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी समीर वानखेड़े रहे।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वैशाली राजपूत, भारत विकास परिषद् पश्चिम क्षेत्र के संयुक्त महासचिव महेश शर्मा, राष्ट्रीय संपर्क सदस्य राजेन्द्र इनानी, प्रांत अध्यक्ष अविनाश धर्माधिकारी, प्रांत संपर्क संयोजिका दीप्ति चौधरी, अरुण सावंत सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

संगोष्ठी में विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा परिषद् के कार्यकर्ताओं सहित लगभग 350 लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
अपने संबोधन में महेश शर्मा ने भारत विकास परिषद् द्वारा समाजोत्थान, सेवा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

मुख्य वक्ता समीर वानखेड़े ने युवाओं को मादक पदार्थों के विभिन्न रूपों, उनके शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों तथा जीवन और भविष्य पर पड़ने वाले गंभीर परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने, सही निर्णय लेने तथा अपने मित्रों और परिवार को भी नशे के विरुद्ध जागरूक करने का आह्वान किया।

वक्ताओं ने कहा कि नशे से बचाव केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, शिक्षण संस्थानों और पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। समय पर जागरूकता और उचित मार्गदर्शन से युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर प्रांत अध्यक्ष अविनाश धर्माधिकारी ने सभी उपस्थितजनों को नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। आयोजन को सफल बनाने में शाखा सचिव अक्षु शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संगोष्ठी ने उपस्थित युवाओं में नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूकता का संचार करते हुए स्वस्थ, समर्थ और संस्कारित भारत के निर्माण का सशक्त संदेश दिया।

