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भारत को जानो जैसे आयोजन युवाओं में राष्ट्रीय गौरव और संस्कार की भावना मजबूत करते हैं। अनुराग त्रिपाठी

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भारत को जानो’ प्रतियोगिता में 19 स्कूलों के छात्रों ने लिया हिस्सा

मुंबई। भारत विकास परिषद, पवई-चांदिवली शाखा द्वारा सिंहगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, चांदिवली में आयोजित ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता का सुंदर आयोजन सम्पन्न हुआ। प्रतियोगिता में क्षेत्र के 19 स्कूलों के विद्यार्थियों ने कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और अतिथियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
मुख्य अतिथि भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी अनुराग त्रिपाठी, अतिरिक्त आयकर आयुक्त, मुंबई ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए ज्ञान, जिज्ञासा और भारत की समृद्ध विरासत को समझने के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि वे स्वयं छात्र जीवन में इस प्रतियोगिता में विजेता रह चुके हैं। उन्होंने भारत विकास परिषद के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्रीय गौरव और संस्कार की भावना मजबूत करते हैं।


कनिष्ठ वर्ग में गोपाल शर्मा मेमोरियल स्कूल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वरिष्ठ वर्ग में ऑल इंडिया स्कूल प्रथम रहा। दोनों विजेता टीमें अब प्रांत स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगी।


कार्यक्रम में पश्चिम क्षेत्र के संयुक्त महासचिव महेश शर्मा, राष्ट्रीय गतिविधि सदस्य संपर्क राजेंद्र इनानी, मुंबई कोंकण प्रांत के महासचिव सीमांत प्रधान, कार्यक्रम पर्यवेक्षक नरेंद्र मौर्या, समाजसेवी डॉ. रविंद्र म्हस्के, प्रांत संपर्क संयोजिका दीप्ति चौधरी, प्रांत जीवीसीए संयोजिका किरण कुमावत, नवहिंद माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पवार, चेंबूर शाखा सदस्य जयंत एवं गणेश जी की विशेष उपस्थिति रही।


शाखा अध्यक्ष दीप्ति झंवर ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। महेश शर्मा ने भारत विकास परिषद की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।


कार्यक्रम की सफलता में शाखा संस्कार प्रमुख माधुरी वराळ, ‘भारत को जानो’ संयोजिका स्मिता राय, राजेंद्र इनानी तथा शाखा की पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। राजेंद्र इनानी, युवा सदस्य नम्रता गुप्ता, करुणा कुमावत एवं स्वरा कालसेकर ने प्रश्नोत्तरी संचालक की भूमिका निभाई।
‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की जड़ों, उपलब्धियों, संस्कृति और मूल्यों से जोड़ते हुए उनमें राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करना है।

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