मुंबई / प्रतिनिधि :
घाटकोपर क्षेत्र की विभिन्न नागरिक समस्याओं का शीघ्र समाधान कर आम नागरिकों का जीवन सुगम एवं सुविधाजनक बनाया जाए तथा अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित की जाए। इन मांगों को लेकर स्थानीय नागरिकों ने मनपा प्रशासन को तीव्र जनआंदोलन की चेतावनी दी है।

इस संबंध में रहिवासियों द्वारा महानगर पालिका के अधिकारियों के समक्ष अनेक बार शिकायतें एवं ज्ञापन प्रस्तुत किए गए, किंतु उदासीन एवं निष्क्रिय प्रशासन ने इन शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया और उन्हें पूरी तरह उपेक्षित कर रखा है परिणामस्वरूप महानगरपालिका की मनमानी एवं अव्यवस्थित कार्यप्रणाली के विरुद्ध घाटकोपर वासियों में व्यापक असंतोष व्याप्त हो गया है।

गत कई वर्षों से घाटकोपर का पहाड़ी क्षेत्र मूलभूत नागरिक सुविधाओं और आवश्यक सेवाओं से वंचित है, जिसके कारण यहां के निवासी अत्यंत कष्टपूर्ण जीवन व्यतीत करने को विवश हैं। यह क्षेत्र मुख्यतः श्रमिक एवं मेहनतकश वर्ग की आबादी वाला क्षेत्र माना जाता है।

क्षेत्र में लंबे समय से कूड़ा-कचरे का ढेर, सीवर एवं गंदे पानी की निकासी की समस्या, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की बदहाल स्थिति, टूटी एवं जाम नालियां, क्षतिग्रस्त सड़कें, पेवर ब्लॉक बिछाने का अधूरा कार्य, सफाई व्यवस्था की बदहाली तथा पेयजल संकट जैसी गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं। इन विषयों को लेकर स्थानीय समाजसेवियों एवं कार्यकर्ताओं ने अनेक बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया, शिकायतें दर्ज कराईं तथा आंदोलन भी किए। इसके बावजूद अधिकारियों ने इन गंभीर समस्याओं के प्रति निरंतर उदासीनता और असंवेदनशीलता का परिचय दिया। यह जानकारी समाजसेवी प्रकाश इंगवले तथा भीम आर्मी के स्थानीय नेता दिनेश शर्मा ने दी।

समाजसेवी भगवान कांबले ने कहा कि घाटकोपर की नागरिक समस्याओं का तत्काल समाधान कर लोगों का जीवन सुगम बनाने की इच्छा किसी भी जनप्रतिनिधि में दिखाई नहीं देती। जब जनप्रतिनिधि ही उदासीन हों, तब नागरिक अपने बेहतर जीवन की अपेक्षा किससे करें?
पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले गरीब एवं श्रमिक परिवारों को आज भी नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है। ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि सामाजिक संवेदनशीलता का दावा करने वाले वे जनप्रतिनिधि और विधायक आज कहां हैं, जिन्होंने कभी पानी की समस्या के समाधान तक अपने सिर के बाल न कटवाने का संकल्प लिया था?
वर्तमान में इस क्षेत्र में दो-दो दिन के अंतराल पर जलापूर्ति की जा रही है, जिससे गृहिणियों, नौकरीपेशा लोगों तथा विद्यार्थियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने मांग की है कि उनकी इन दैनिक एवं गंभीर समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए, अन्यथा वे व्यापक एवं तीव्र जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

