* ‘वनरंग’ आदिवासी सांस्कृतिक महोत्सव का शरद पवार ने लिया आनंद
विश्व आदिवासी दिवस पर मंत्री नरहरी झिरवाळ की शानदार मेहमान नवाजी

*मुंबई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने शुक्रवार को कहा कि डिजिटल युग में भी भारत की परंपराएं, जनजातीय भाषाएं, लोककला, लोकसंगीत और हस्तशिल्प जीवंत बने रहने चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और उसे आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।वह विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाळ द्वारा यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में आयोजित तीन दिवसीय ‘वनरंग – आदिवासी संस्कृति गौरव महोत्सव’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रही थीं।पवार ने कहा कि आदिवासी समाज ने सदियों से जंगलों की रक्षा की है, जलस्रोतों का संरक्षण किया है, जैव विविधता को बचाया है और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की सीख दी है।

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसे विषय वैश्विक चिंता बनने से बहुत पहले आदिवासी समाज ने प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाई थी। इसलिए आदिवासी समाज केवल विकास का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की दिशा तय करने वाला समाज भी है।उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी वीरों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

भगवान बिरसा मुंडा ने स्वाभिमान की भावना जगाई, रानी दुर्गावती ने साहस और बलिदान का आदर्श प्रस्तुत किया, जबकि महाराष्ट्र के क्रांतिकारी राघोजी भांगरे ने अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि इन महान विभूतियों का इतिहास भारत के गौरव और स्वाभिमान का इतिहास है।पवार ने कहा कि महायुति सरकार ने आदिवासी समाज के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने हमेशा आदिवासी समाज के विकास के लिए उदारतापूर्वक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है और अनेक कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाया है।उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए कार्य कर रही है। आश्रमशालाओं का आधुनिकीकरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, ई-लर्निंग सुविधाएं, उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, विदेश में अध्ययन के लिए विशेष योजनाएं, प्रतियोगी परीक्षाओं का मार्गदर्शन, छात्रावास और कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

पवार ने कहा कि सरकार और पार्टी संगठन के समन्वित प्रयासों से आदिवासी समाज के लिए संचालित सभी कल्याणकारी योजनाओं को प्रत्येक गांव और प्रत्येक तालुका तक पहुंचाना आवश्यक है।वनाधिकार कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को उनके अधिकार दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
साथ ही आदिवासी परिवारों की आय बढ़ाने, लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देने तथा दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि ‘वनरंग’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी पहचान, परंपरा और गौरव का उत्सव है। आदिवासी लोकनृत्यों में प्रकृति की लय दिखाई देती है और लोकगीत जीवन के आनंद तथा मूल्यों को अभिव्यक्त करते हैं।पवार ने कहा कि आदिवासी युवा शिक्षा, प्रशासन, खेल, उद्योग, अनुसंधान, कला और विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में ग्लासगो में आयोजित एक खेल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाले नासिक के दिलीप गावित को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे महाराष्ट्र के लिए गौरव की बात है।उन्होंने कहा कि यह तीन दिवसीय महोत्सव लोगों को आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक संगीत, लोकनृत्य, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का अनुभव करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। उन्होंने मुंबईवासियों से बड़ी संख्या में महोत्सव में शामिल होकर आदिवासी समाज की परंपराओं, संस्कृति और जीवन मूल्यों को निकट से जानने तथा उनकी कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने की अपील की।पवार ने कहा कि विविधता में एकता ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। सभी समाजों के बीच परस्पर सम्मान, सामाजिक सौहार्द और एक-दूसरे से सीखने की भावना ही विकसित भारत और विकसित महाराष्ट्र के निर्माण का आधार बनेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘वनरंग’ सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास को नई प्रेरणा देगा।उन्होंने इस आयोजन के लिए मंत्री नरहरी झिरवाळ की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति और जीवनशैली को व्यापक समाज के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास किया है।उन्होंने कहा कि यह महोत्सव विश्व की सबसे प्राचीन जीवंत आदिवासी संस्कृति तथा प्रकृति के साथ उसके शाश्वत संबंध का गौरवपूर्ण उत्सव है।इस अवसर पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाळ, सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटिल, मुंबई कार्याध्यक्ष सिद्धार्थ कांबळे, मुंबई महिला अध्यक्ष आरती साळवी, दक्षिण मुंबई जिला अध्यक्ष महेंद्र पानसरे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।