सीए प्रतीक कर्पे की मांग
मुंबई दिनांक ७ अगस्त भविष्य में उत्पन्न होने वाले ग्लोबल वार्मिंग (वैश्विक तापमान वृद्धि) के गंभीर खतरे और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में कुओं, तालाबों और झरनों जैसे पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण और पुनरुद्धार करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी पृष्ठभूमि में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर शहर के सभी जल स्रोतों का सर्वेक्षण किया जाए, ऐसी जोरदार मांग भाजपा पार्षद एवं मुंबई भाजपा सचिव सीए प्रतीक कर्पे ने निगम के समक्ष प्रस्ताव के रूप में रखी है।

बढ़ते शहरीकरण और घटते भूजल स्तर के कारण भविष्य में उत्पन्न होने वाले जल संकट से बचाव के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआय) और सैटलाइट मैपिंग तकनीक की मदद से जल स्रोतों का सर्वेक्षण कर उनके सटीक जीपीएस निर्देशांक तय किए जाएं,

जीआईएस आधारित ‘डिजिटल वाटर मैप’ बनाकर सभी कुओं और तालाबों का ब्योरा एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाए तथा आईओटी सेंसर्स के जरिए जल स्तर और गुणवत्ता पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के लिए ‘स्मार्ट वाटर मॉनिटरिंग डैशबोर्ड’ विकसित किया जाए, ऐसा प्रस्ताव उन्होंने दिया है।