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लहरों पर इंजीनियरिंग का अजूबा, देश का पहला वर्टिकल-लिफ्ट सी ब्रिज तैयार

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रामनवमी पर रामेश्वरम को सौगात

भारत के पहले वर्टिकल न्यू पंबन रेल ब्रिज का पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

रामेश्वरम। भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट समुद्री पुल यानी नए पंबन रेल पुल का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी रामनवमी के अवसर पर रविवार को करेंगे। रोडब्रिज से एक ट्रेन और एक जहाज को पीएम नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाएंगे और पुल के संचालन को देखेंगे। उद्घाटन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी रामेश्वरम में रामनाथस्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। बता दें कि पंबन पुल का गहरा सांस्कृतिक महत्व है। रामायण के अनुसार, “राम सेतु का निर्माण रामेश्वरम के पास धनुषकोडी से शुरू हुआ था।” बता दें कि 550 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 2.08 किमी लंबे इस पुल का निर्माण किया गया है जो रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ता है।

पीएम मोदी कई परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास
इसमें 99 स्पैन और 72.5 मीटर का वर्टिकल लिफ्ट स्पैन है जो 17 मीटर की ऊंचता तक उठता है, जिससे जहाजों की सुचारू रूप से आवाजाही भी हो सकेगी और ट्रेन का भी निर्बाध संचालन हो सकेगा। स्टेनलेस स्टील, हाई लेवल के पेंट्स का इस ब्रिज में इस्तेमाल किया गया है। इसे भविष्य की मांगों को लेकर तैयार किया गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपने बयान में कहा कि दोपहर करीब डेढ़ बजे पीएम नरेंद्र मोदी राज्य में 8300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वह वहां उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे।

ये राजमार्ग कई तीर्थस्थलों और पर्यटन स्थलों को जोड़ेंगे, शहरों के बीच की दूरी कम करेंगे और मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, बंदरगाहों तक तेजी से पहुंच बनाने के अलावा स्थानीय किसानों को कृषि उत्पादों को नजदीकी बाजारों तक पहुंचाने और स्थानीय चमड़ा और लघु उद्योगों की आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देने में सशक्त बनाएंगे।

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क्या होता है वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज
वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज एक ऐसा पुल होता है, जिसका एक हिस्सा जरूरत पड़ने पर ऊपर उठाया जा सकता है। इससे बड़े पोत और नावें पुल के नीचे से आसानी से गुजर सकती हैं। इसमें आमतौर पर पुल के दोनों सिरों पर ऊंचे टावर होते हैं, जिनमें तारों या हाइड्रोलिक सिस्टम की मदद से पुल का मध्य भाग ऊपर-नीचे किया जाता है। नया पंबन रेलवे सी ब्रिज इसी तकनीक पर बना है, जिससे समुद्री पोतों की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं होगी।

नए पुल की खासियतें…
लंबाई : 2.07 किलोमीटर
अधिकतम गति : 98 किलोमीटर प्रति घंटा, पुराने पुल पर 10 थी
तकनीक : वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज
पेंटिंग : पॉलीसिलोक्सेन पेंट यानी 35 वर्षों तक पेंटिंग की जरूरत नहीं


इतिहास बन जाएगा पुराना पंबन ब्रिज

2.05 किलोमीटर लंबाई
1911-1913 के बीच बना
1964 में चक्रवात ने भारी नुकसान पहुंचाया
103 स्टील गर्डर बह गए, 21 कंक्रीट गर्डर नष्ट हो गए
60 दिनों में पुल को फिर से तैयार कर लिया गया
1965 में रेल सेवा शुरू हो गई
2007 में पुल को ब्रॉड गेज में बदला गया
15 कंक्रीट गर्डर स्टील से बदले गए
2022 से इस्तेमाल में नही

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