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यूक्रेन की मदद के लिए इकट्ठा हुए 50 देश; पाकिस्तान बोला- भारत के साथ फिर संघर्ष होने की आशंका बहुत कम

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पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से सैन्य संघर्ष शुरू होने की आशंका बहुत कम है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ऐसी किसी भी स्थिति (सैन्य संघर्ष) के लिए तैयार है। मीडिया को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तुर्किये, ईरान, अजरबैजान और ताजिकिस्तान की हालिया यात्रा का विवरण देने के लिए हुई प्रेस वार्ता में एक सवाल पर डार ने यह टिप्पणी की।

भारत के साथ नए सिरे से संघर्ष छिड़ने की आशंकाओं के सवाल पर डार ने कहा कि वह भविष्य का अंदाजा तो नहीं लगा सकते, लेकिन ऐसी किसी भी स्थिति की संभावना बहुत कम है। मंत्री ने कहा, संघर्ष-विराम बरकरार है और दोनों पक्षों ने सैनिकों की वापसी से जुड़े सभी कदमों पर अक्षरशः अमल किया है। लिहाजा, नए सिरे से संघर्ष होने की कोई आशंका नहीं है। डार ने यह भी कहा कि पाकिस्तान, भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए बेताब नहीं है। पाकिस्तान एक समग्र वार्ता चाहता है, जिसमें आतंकवाद के साथ-साथ सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) समेत अन्य मुद्दे भी शामिल हों। डार ने दावा किया कि आईडब्ल्यूटी को स्थगित नहीं किया जा सकता।

पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच की पेशकश भी दोहराई

इशाक डार ने पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच की पेशकश दोहराई, जिसके कारण पाकिस्तान और भारत के बीच हाल ही में सैन्य संघर्ष हुआ था। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई को सराहा गया और उसके कूटनीतिक प्रयासों की भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तारीफ की गई। मंत्री ने संघर्ष के दौरान और शांति बहाल करने में अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, ईरान तथा अन्य देशों की ओर से निभाई गई भूमिका की भी सराहना की। डार ने पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व में किए गए कूटनीतिक प्रयासों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “इन प्रयासों को उनकी स्पष्टता के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा हासिल हुई।

ईरान में लापता तीन भारतीयों को पुलिस ने खोजकर मुक्त कराया

ईरान में लापता हुए पुलिस ने तीन भारतीयों को ढूंढकर मुक्त कर दिया है। तेहरान स्थित तस्नीम समाचार एजेंसी ने कहा कि दक्षिण तेहरान के वरामिन में बंधक बनाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर पुलिस ने तीनों नागरिकों को मुक्त कर दिया। तीनों भारतीयों के अपहरण की सूचना तेहरान पुलिस को 1 मई को दी गई थी। भारत में ईरानी दूतावास ने 29 मई को कहा था कि वह लापता हुए तीनों भारतीय नागरिकों को खोजने के लिए ईरानी सरकार के संपर्क में है। तीनों के नाम हुशनप्रीत सिंह (संगरूर), जसपाल सिंह (नवांशहर) और अमृतपाल सिंह (होशियारपुर) हैं।

परिजनों के अनुसार तीनों ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए 1 मई को ईरान में रुके थे। एक स्थानीय ट्रैवल कंपनी ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया में आकर्षक नौकरी दिलाने का वादा किया था। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि तीनों नागरिकों को बंधकों के कब्जे से छुड़ा लिया गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के वाणिज्य दूतावास संबंधित न्यायिक अधिकारियों के साथ समन्वय करके मामले की जांच कर रही है।

कनाडा में गोलीबारी में एक की मौत, कई घायल

कनाडा के टोरंटो शहर में गोलीबारी की घटना में एक व्यक्ति की मौत की खबर है। वहीं पांच अन्य लोग घायल हुए हैं। टोरंटो पुलिस ने बताया कि गोलीबारी में एक पुरुष की मौत हुई है और पांच अन्य लोग घायल हैं। घायलों की हालत स्थिर है और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

पाकिस्तानी सेना ने 14 दहशतगर्दों को किया ढेर

पाकिस्तान ने दहशतगर्दों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए अफगान सीमा के नजदीक 14 दहशतगर्दों को ढेर कर दिया। खुफिया सूचना के आधार पर पाकिस्तानी सेना ने उत्तरी वजीरिस्तान इलाके में ऑपरेशन चलाया। पाकिस्तानी सेना ने बताया कि 2-3 जून की सुरक्षाबलों ने दत्ताखेल इलाके में ऑपरेशन चलाकर 14 दहशतगर्दों को मुठभेड़ में मार गिराया।

यूक्रेन की मदद के लिए इकट्ठा हुए 50 देश, अमेरिका ने बनाई दूरी

बुधवार को नाटो के करीब 50 देशों के वरिष्ठ अधिकारी यूक्रेन के समर्थन में बेल्जियम के ब्रूसेल्स में नाटो के मुख्यालय में इकट्ठा हुए। इस बैठक में यूक्रेन को सैन्य मदद देने का समर्थन किया गया। गौरतलब बात ये है कि अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन के प्रमुख इस बैठक से दूर रहे। तीन साल पहले अमेरिका द्वारा ही इस संगठन का गठन किया गया था और यह पहली बार है कि अमेरिका के अधिकारी इस बैठक में शामिल नहीं हुए। नाटो की इस बैठक की अध्यक्षता जर्मनी और ब्रिटेन ने की। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ब्रूसेल्स का दौरा करेंगे, लेकिन उनका यह दौरान नाटो की बैठक खत्म होने के बाद होगा। पीट हेगसेथ नाटो के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे।

2028 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की तैयारी मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेने की योजना बना रहे हैं, बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। समाचार पोर्टल अधाधु ने कहा कि वह इस बात की पुष्टि कर सकता है कि नशीद, जिन्होंने 19वीं संसद के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया, ने ‘मुख्य विपक्षी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के कई वरिष्ठ सदस्यों को अपनी राय साझा करते हुए एक संदेश भेजा।’

समाचार पोर्टल के अनुसार, नशीद ने वरिष्ठ एमडीपी सदस्यों को संदेश भेजा कि ‘मैं राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने पर विचार कर रहा हूं, आपको क्या लगता है? आप जो भी जवाब देंगे, उससे हमारे संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।’ नशीद – जिन्हें अपने कार्यकाल के दौरान भारत-मालदीव के मजबूत संबंधों के निर्माता के रूप में जाना जाता है – वर्तमान में जलवायु संवेदनशील मंच (सीवीएफ) के महासचिव के रूप में कार्य कर रहे हैं, जो 74 देशों की एक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी है जो ग्रह के गर्म होने के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।

58 वर्षीय नशीद पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह, एक अन्य भारत समर्थक नेता के साथ संघर्ष के कारण एमडीपी से अलग हो गए थे। जून 2023 में, नशीद ने एमडीपी से इस्तीफा दे दिया और डेमोक्रेट्स में शामिल हो गए, जो एक ऐसी पार्टी है जिसका गठन उनके वफादारों ने किया था।1 समाचार पोर्टल ने कहा, ‘यह स्पष्ट नहीं है कि वह किस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने का इरादा रखते हैं।’ वह 11 नवंबर, 2008 से 7 फरवरी, 2012 तक मालदीव के राष्ट्रपति थे।

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