आंदोलनकारियों की अधिकांश मांगें सरकार ने मानी फिर भी युवाओं को भटका रहे हैं लोग
मुंबई, 23 सितंबर। एमपीएससी विद्यार्थियों के आंदोलन को राजनीतिक मोड़ दिए जाने पर भाजपा विधायक विक्रम पाचपुते ने विद्यार्थियों से इससे दूर रहने की अपील की है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की अधिकांश मांगें सरकार ने मान ली हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी विद्यार्थियों की समस्याओं पर चर्चा कर समाधान निकालने के लिए तैयार हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को गुमराह करने वाले राजनीतिक प्रयासों से दूर रहकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।
पाचपुते ने कहा कि एमपीएससी अध्यक्ष को हटाने की मांग संविधान के अनुच्छेद 317 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए 4 सितंबर को वी. राधा की अध्यक्षता में गठित समिति का दौरा जारी है।

समिति विभिन्न स्थानों पर विद्यार्थियों से विस्तार से चर्चा कर रही है और अब तक करीब 1100 विद्यार्थियों अथवा उनके प्रतिनिधिमंडलों की बातें सुनी जा चुकी हैं। आंदोलनकारियों को अपनी शंकाएं और आपत्तियां समिति के समक्ष रखने की अपील भी उन्होंने की।
विधायक पाचपुते ने आरोप लगाया कि आंदोलन को सरकार विरोधी राजनीतिक आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूखाग्रस्त क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी आते हैं और उनकी परिस्थितियों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए।
पुणे में 26 सितंबर को आंदोलन की अनुमति से जुड़े मुद्दे पर उन्होंने कहा कि गणेश विसर्जन के दौरान पुलिस 48 घंटे तक बंदोबस्त में रहती है। ऐसे समय आंदोलन की अनुमति मिलना कठिन होने की जानकारी के बावजूद 26 सितंबर की तारीख मांगना राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भूमिका चर्चा और निर्णय के माध्यम से समाधान निकालने की रही है। इसलिए विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान संवाद से निकालने की अपेक्षा उन्होंने व्यक्त की।

