विनोद बब्बर को मिला राष्ट्रीय हिंदी सेवा सम्मान


भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में 15 सितंबर, 2025 को भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान समारोह में मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी साहित्य को समृद्ध करने वाले 10 मूर्धन्य साहित्यकारों को अलंकृत किया। सम्मानित होने वालों में भाषा और संस्कृति को अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले संत साहित्यकार और इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ विनोद बब्बर भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री जी ने उन्हें राष्ट्रीय हिंदी सेवा सम्मान के लिए शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह तथा सम्मान राशि भेंट की।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ‘मध्य प्रदेश में चीता तेंदुआ तो थे लेकिन आज हमारे साथ साहित्य और संस्कृति के बब्बर शेर भी है। मैं विनोद बब्बर जी का इस समारोह में विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं’ के साथ अपना सम्बोधन आरंभ करते हुए कहा कि जैसे मां के चरणों में चारधाम होते हैं, वैसे ही मातृभाषा की गोद में आनंदधाम होता है। मुख्यमंत्री जी ने वैश्विक मंचों पर हिंदी का मान बढ़ाने वाले ने स्मृतिशेष प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धा से स्मरण करते हुए उनकी काव्यात्मक पंक्तियों को दोहराया।
भारी वर्षा के बावजूद खचाखच भरे हंस ध्वनि विशालऑडिटोरियम में प्रदेश के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह सहित देश और मध्यप्रदेश के अनेक गणमान्य विभूतियां की उपस्थिति रही।

