अब उतराखंड़ के मदरसाओं में पढ़ाना होगा सरकार मान्य पाठ्यक्रम – पुष्कर सिंह धामी . देवभूमि को बाहरी घुसपैठियों से मुक्त करवाकर रहेगी सरकार
मुंबई -देश-विदेश में रहने वाले 27 प्रवासियों ने उत्तराखंड के 29 गांवों को गोद लिया है और आर्थिक रूप से सहयोग किया है।हिमानी शिवपुरी ने अपने गांव को गोद लिया है, जो अपने मिट्टी के लिए समर्पण और जुड़ाव की प्रेरणा देता है यह वक्तव्य उत्तराखंड के युवा लोकप्रिय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जो उन्होंने नवी मुंबई वाशी स्थित सिडको एक्जीविशन सेंटर सभागृह में आयोजित उत्तराखंड प्रवासी परिषद के कार्यक्रम में कहे।

वे मुंबई की की जागरूक सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से आयोजित संवाद कार्यक्रम में कहे।धामी ने अपने आतिथ्य भाषण में अपनी सरकार के द्वारा किए गए विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के विकास कार्यों पर केंद्रित है, जिसमें जनसांख्यिकी संतुलन, अतिक्रमण हटाना, धर्मांतरण और लव जिहाद पर कार्रवाई, दंगा रोकने के लिए कानून बनाना, रेल और हवाई सेवाओं का विस्तार, और विभिन्न विकास परियोजनाओं जैसे बांधों और चारधाम यात्रा का उल्लेख है।

पत्रिका स्वतंत्र जनसमाचार के 24 वें वार्षिक विशेषांक का विमोचन करते मुख्यमंत्री साथ में स्वतंत्र जनसमाचार के कार्यकारी संपादक राकेश खंकरियाल निर्मोही, महादीप सिंह बिष्ट, जनार्दन कोली, प्रवीन चंद ठाकुर
धामी ने कहा उत्तराखंड बनने के बाद पहली बार जनसांख्यिकी के क्षेत्र में काम हुआ है, जो जनसांख्यिकी असंतुलन को ठीक कर रहा है।हमारी सरकार ने अतिक्रमण से 15,000 एकड़ सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करवाई गई है, अतिक्रमण के खिलाफ उत्तराखंड पूरे देश में पहले नंबर पर है।

हमारी सरकार ने धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, और दंगा रोकने का कानून बनाया गया धामी ने कहा कि
उत्तराखंड बनने के बाद पहली बार जनसांख्यिकी के क्षेत्र में काम हुआ है, जो जनसांख्यिकी असंतुलन को ठीक कर रहा है।

दंगा रोकने का कानून बनाया गया है।
परिवहन और कनेक्टिविटी:रेल मंत्री जी से दिल्ली से देहरादून, दिल्ली से लखनऊ, मुंबई से देहरादून-हरिद्वार, रामनगर और कोटद्वार के लिए ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया गया है।120 से अधिक हेलीपैड बनाए गए हैं, जो उत्तरकाशी, गोचर, लैंसीडोन, उधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, और नैनीताल जैसे स्थानों को हवाई सेवा से जोड़ते हैं।

देहरादून शहर 45 से अधिक शहरों से जुड़ा हुआ है, और पंतनगर हवाई अड्डा बना है।सोंग बांध, जमरानी बांध, लखवाड़ बांध आदि जैसी परियोजनाएं, जो 50-60 साल पहले होनी चाहिए थीं, अब स्वीकृत हो रही हैं।
एक दौर था जब कैलाश यात्रा में पहले पूरे साल में 500-600 लोग जाते थे, अब तक 55,000 लोग जा चुके हैं।शीतकालीन यात्रा शुरू की गई है, और चारधाम यात्रा ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिसमें दो महीने में लगभग 45,00,000 लोग यात्रा करच चुके हैं।
धामी ने कहा कि सरकार ने प्रवासी उत्तराखंड परिषद और योगदान:सरकार ने प्रवासी उत्तराखंड परिषद का गठन किया है, ताकि देश-विदेश में बसे प्रवासी उत्तराखंडी औपचारिक रूप से राज्य से जुड़ सकें।उनके ज्ञान, अनुभव, विशेषज्ञता और विचार उत्तराखंड के विकास में सक्रिय रूप से भागीदारी निभा सकें।प्रवासी उत्तराखंडी संकट या प्राकृतिक आपदा के समय सहायता के लिए आगे आते हैं, और राहत कार्यों में सहयोग करते हैं।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था जिसमें स्थानीय कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी लोकगायक सुरेश काला, रावत, लोकेंद्र ओझा,और लघु नाट्यों ने मुख्यमंत्री का हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर सभी क्षेत्रों के प्रवासी उत्तराखंडी समाज के लोग उपस्थित रहे। पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, पूर्व नगरसेवक महदीप सिंह बिष्ट,नवी मुंबई के उपमहापौर दशरथ भगत, प्रीतम म्हात्रे, एडवोकेट सतीश त्रिपाठी,समाजसेवी माधवानंद भट्ट,वरिष्ठ पत्रकार सुंदर चंद ठाकुर, समाजसेवी एच एस भाकुनी, सुरेश राणा,गजेन्द्र गौड़, दीप कोश्यारी, भारत विकास परिषद के संयुक्त सचिव महेश शर्मा, श्रीमती आनंदी गैरोला, श्रीमती मीनाक्षी भट्ट, एडवोकेट ममता भट्ट,प्रवीन चंद ठाकुर, गढ़वाल भातृ मंडल अध्यक्ष रमण मोहन कुकरेती, मनोज द्विवेदी, बुद्धि प्रसाद देवली, डी वी चंद, पत्रकार केसर सिंह बिष्ट, गोविंद आर्य,बलवीर सिंह रावत,चामू राणा, महावीर प्रसाद पैन्यूली , अनूप ढोलाकोटी, प्रयाग रावत, हेमचंद्र पाण्डेय, मुंबई भाजपा उत्तराखंड सेल के अध्यक्ष महेन्द्र गुसाईं, सुरेंद्र भंडारी, मातबर सिंह रावत,आदि कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि बीते तीन दिनों से चल रही भारी बारिश के बावजूद भी कार्यक्रम में ठीक ठाक भीड़ ने आयोजकों के मन को शांत किया।
मंच संचालन डॉ राजेश्वर उनियाल एवं नवीन चन्द्र भट्ट ने किया। प्रवासी उत्तराखंड परिषद के उपाध्यक्ष पूरन चंद्र नैनवाल, सचिव राजेश कुमार कौथिग फाउंडेशन के संयोजक मनोज भट्ट ने सभी का आभार व्यक्त किया।