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मोदी सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुशासन का लाभ पहुंचाना – डॉ मनसुख मांडविया

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भारतीय राजनीति में ऐतिहासिक परिवर्तन: जाति-वर्ग नहीं, अब केवल ‘विकास और सुशासन’ ही चुनावों का मुख्य आधार – केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मुंबई के वसंत स्मृति, भाजपा कार्यालय दादर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। डॉ मांडविया बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय राजनीति का केंद्र बदल गया है। 2014 से पहले जहां जाति और समुदाय के आधार पर वोट मांगे जाते थे, वहीं अब चुनावों का मुख्य आधार केवल ‘विकास’ और ‘राष्ट्र निर्माण’ हो गया है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने देश के बदलते राजनीतिक परिदृश्य, भावी स्वास्थ्य नीतियों और सेवा-सुशासन के ऐतिहासिक 12 वर्षों पर विस्तार से अपनी बात रखी।

इस अवसर पर मुंबई भाजपा अध्यक्ष व विधायक श्री अमित साटम जी, भाजपा मुंबई महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी , राजेश शिरवडकर एवं श्रीमती श्वेता परूलेकर मीडिया संयोजक ओमप्रकाश चौहान उपस्थित थे।

. डॉ मनसुख मांडविया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि अब भारतीय राजनीति का केंद्र बदल गया है, ये विकास और सुशासन का युग है। आज भारत में राजनीति विकास और सुशासन के इर्द-गिर्द केंद्रित हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय राजनीति का केंद्र पूरी तरह बदल गया है। 2014 से पहले जहां राजनीति काफी हद तक जाति, वर्ग और समुदाय के आधार पर वोट मांगने पर निर्भर थी, वहीं अब चुनावों का मुख्य आधार केवल ‘विकास’ और ‘राष्ट्र निर्माण’ हो गया है। यह भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव है। उन्होंने आंकड़ों को साझा करते हुए कहा,

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल के 4,402 दिन पूरे हो रहे हैं, जो मोदी 3.0 सरकार के दो साल पूरे होने के साथ मेल खाता है। इन 12 वर्षों में देश ने प्रगति की है और एक ‘नए भारत’ का निर्माण देखा है।”

बिना भेदभाव के सभी का सर्वांगीण विकास हुआ है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हुए ‘संतुलित और सर्वांगीण विकास’ पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने दावा किया कि बिना किसी भेदभाव के देश के हर कोने और हर वर्ग तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है। इसी का परिणाम है कि आज देश के 4 करोड़ लोगों को पक्का आवास मिल चुका है और 58 करोड़ से अधिक जन धन बैंक खाते खोलकर गरीबों को मुख्यधारा से जोड़ा गया है।भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए देश तैयार (हेल्थ रोडमैप)डॉ. मांडविया ने कोरोना महामारी से मिली सीख का उल्लेख करते हुए देश के आगामी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का विजन भी सामने रखते हुए कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए देश तैयार है। देश को आने वाले 20-25 वर्षों के लिए सुरक्षित करने हेतु एक अभेद्य सुरक्षा तंत्र बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी अज्ञात वायरस का मुकाबला किया जा सके।’होल ऑफ गवर्नमेंट’ और ‘होल ऑफ सोसायटी’ दृष्टिकोण के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र, वैज्ञानिकों और आम जनता की सामूहिक जिम्मेदारी है। सब मिलकर एक टीम (Team India) के रूप में काम कर रहे हैं। भारत को दवाओं और मेडिकल उपकरणों के लिए दुनिया पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए पीएलआई (PLI) योजना के तहत देश में ही कच्चे माल (API) और रिसर्च को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने।

वैश्विक गुणवत्ता और डिजिटल बदलाव के बारे में बताते हुए मांडविया जी ने कहा कि भारतीय दवाओं की विश्वसनीयता दुनिया भर में मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों और कड़े नियमों को लागू किया जा रहा है। इसके साथ ही, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के जरिए डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है और ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण के तहत इंसान, जानवर और पर्यावरण की सेहत पर एक साथ काम हो रहा है। केंद्र सरकार देश को आत्मनिर्भर बनाने, बुनियादी ढांचे को आधुनिक करने, देश की स्वास्थ्य सुरक्षा को अभेद्य बनाने और अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुशासन का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

इस अवसर पर वे स्वतंत्र जनसमाचार के कार्यकारी संपादक राकेश खंकरियाल निर्मोही उप संपादक जाॅन मेढे से भी मिले और स्वतंत्र जनसमाचार की 24वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दी।

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