सभी समुदायों में अच्छी खासी पकड़ रखने वाले प्रत्याशी. इन तीन वार्डों में किधर जायेगा उत्तराखंड समाज का मतदाता
भाजपा -शिवसेना से उत्तराखंड समाज में भारी नाराज़
मुं बई मनपा में सत्तारूढ़ दलों से प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर गुस्साए उत्तराखंड समाज के लोगों को अब ठाणे के दो प्रभाग में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के दो और मीरा-भाईंदर मनपा चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार) से एक महिला को टिकट मिलने पर उनका साथ देना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि इस बार ठाणे मनपा के प्रभाग 4ब से भारतीय कांग्रेस पार्टी ने श्रीमती पुष्पा दरमियान बिष्ट को उम्मीदवारी मिली है।

पुष्पा बिष्ट सुशिक्षित, संस्कारवान एक शिक्षिका हैं इनके पति एडवोकेट डॉ दरमियान सिंह बिष्ट जाने- माने वकील के साथ साथ ठाणे जिला कांग्रेस में वर्षों से सक्रिय नेता हैं । इनके बड़े भाई पत्रकार केसर सिंह बिष्ट जाने माने पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं इसलिए स्थानीय प्रभाग में सभी समाजों में उनकी ठीक ठाक पहचान के साथ मधुर संबंध है जिसका फायदा उन्हें मिल सकता है। उनके सामने स्नेहा रमेश आंब्रे भाजपा से शिवसेना उबाठा से नुपुर उमेश अग्रवाल और राधिका राणे एनसीपी से भाग्य आजमा रही हैं।

दूसरे ओर ठाणे मनपा के प्रभाग क्रमांक 3 में जाने वाले माने सामाजिक कार्यकर्ता और ठाणे कांग्रेस के कर्मठ सदस्य अमन पप्पू बर्तवाल को भी भारतीय कांग्रेस पार्टी ने अपना लोकप्रिय उम्मीदवार बनाया है। पप्पू भाई किसी भी पहचान के स्थानीय स्तर पर मोहताज नहीं है। कांग्रेस इनके रग रग में है इसलिए कई बार अन्य पार्टियों ने इन्हें कई प्रकार के लालच दिखाये थे मगर इन्होंने पार्टी को नहीं छोड़ा। अपने काम और ईमानदारी और खुद्दारी से जीने वाला ऐसा व्यक्ति राजनीति में मिलना मुश्किल है अब फैसला यहां की बहुभाषी जनता मतदाताओं को करना है कि वे क्या न्याय करते हैं। वैसे मनपा चुनाव में वैचारिक भावनाओं से अधिक यह ज़रुरत होती है कि जिस उम्मीदवार को हम चुनते हैं वह दिन रात हमारे कैसे काम आता है।

तीसरी उम्मीदवार हैं वसई -विरार मनपा भायंदर के प्रभाग 4 में एनसीपी अजित पवार की घड़ी से भाग्य आजमा रही ललिता विनोद बिष्ट हैं। वर्षों से स्थानीय स्तर पर सक्रिय सामाजिक भूमिका निभा रही है़ं इनका भी अच्छा ख़ासा क्षेत्रीय स्तर पर बोलबाला है। ईमानदारी और बुलंद हौसलों में श्रीमती ललिता बिष्ट कहीं कम नहीं पड़ती।अब देखना यह है कि आने वाले परिणाम कैसे आते हैं।

एक प्रत्याशी भी नहीं दे पाई भाजपा -शिवसेनाराजनीतिक दलों ने उल्लू बनाया
उल्लेखनीय है कि मुंबई मनपा ठाणे मनपा, डोंबिवली कल्याण,नवी मुंबई, पनवेल,मीरा भयंदर, वसई-विरार, के विभिन्न क्षेत्रों में उत्तराखंड समाज के लगभग 7 से 8 लाख तक मतदाता हैं।
कई प्रभाग और वार्डों में उनके वोटरों की अच्छी खासी संख्या है जो जीत हार का संतुलन बना और बिगाड़ भी सकती है। विशेष कर उत्तराखंड समाज का मतदाता वर्तमान में राष्ट्रीय पार्टी भाजपा का अधिकाधिक समर्थक है इसके लिए मुंबई भारतीय जनता पार्टी ने तो उत्तराखंड सेल भी बनाया है जिसके नीचे अन्य राज्यों के लोगों की तरह यह यहां के लोगों को संगठन से जोड़े रखता है। वहीं शिवसेना एकनाथ शिंदे की पार्टी ने भी इनका एक अलग से प्रकोष्ठ बनाया है। इस समय मनपा चुनाव में इस समाज के कुछ चुनिंदा लोगों को उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें चांस देगी, मगर भाजपा – शिवसेना महायुति में किसी को टिकट नहीं मिल पाया जिसको लेकर पिछले दिनों समाज में कुछ जागरूक लोगों ने इसे समाज की नजरअंदाजगी ठहरा कर मनपा चुनाव का बहिष्कार करने की तक घोषणा करने की सलाह दे दी। केवल इनके झंडा डंडा लेके चलने से कुछ नहीं होने वाला अगर आप कहीं जुड़ते हैं तो उन्हें भी भी आपके होने का पता होना चाहिए।