Nashik

भारत का अर्थ ही ज्ञान का प्रकाश है

नासिकसैय्यद पिंपरी स्थित केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नासिक परिसर तथा टाकेकर शिक्षण संकुल ने भारत की आजादी का 79 वर्ष गांठ मनाने का अयोजन किया ।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में नासिक परिसर के निदेशक प्रो नीलाभ तिवारी ने कहा कि भारत को स्वतंत्रता दिलाने में लाखों भारतीयों को शहीद होना पड़ा था। और
तब जाकर देश में 15अगस्त ,1947 को अंग्रेजों के चंगुल से मुक्ति मिली। प्रो तिवारी ने कहा कि हम भारतीय स्वतंत्र तो हो गए किंतु स्वतंत्रता का अर्थ भूल गए की हमारे कर्तव्य क्या है?

हमे स्वशासन का अधिकार तो मिल गया किंतु विदेशी तंत्र की मानसिकता को त्याग नही सके। इसलिये संस्कृत भाषा में स्व का छह ( 6) प्रकार बताए गए है।

प्रथम भाषा आज हम सभी आंग्ल भाषा के प्रति बातचीत करने में अपने को गर्व का अनुभव करते है, किंतु अपनी भाषा में बोलने में अपने को हीन समझते है। इसलिए अपने मातृ भाषा के प्रति प्रेम करना होगा तभी सभी मातृ भाषाओं का विकास होगा। दूसरा, वेश भूषा हम सभी को विदेशी वेश भूषा की जगह अपने भारतीय वेश भूषा को ज्यादा महत्त्व देना चाहिए

तृतीय भोजन हर भारतीय को भारतीय भोजन को करने पर जोर देना चाहिए ना की विदेशी वीजा बर्गर पर।

चौथा भवन भी भारतीय वास्तु शास्त्र के अनुसार बनाना चाहिए विदेशी भवन माडल का नकल नहीं करना चाहिए। पांचवा हम सभी सनातन धर्म के अनुयाई है तो ईश्वर का नाम एवम भजन प्रतिदिन करना चाहिए l और छठा तीर्थ स्थल का भ्रमण करते हुऐ भारतीय संस्कृति का ज्ञान रखना चाहिए।
भारत का अर्थ ही ज्ञान का प्रकाश है भारत 2047 में तभी विकसित होगा जब अंधकार को दूर कर ज्ञान के प्रकाश को अपने जीवन शैली में विकसित करने के लिए महत्त्व देंगे।

इस अवसर पर टाकेकर शिक्षण संकुल के प्राचार्य डॉ.डी. आर. पाटिल ने कहा कि स्वतंत्र होने का अर्थ तभी सार्थक है जब देश का हर भारतीय अपने मौलिक कर्त्तव्य को आचरण में लाए और पालन भी करे। डॉ पाटिल ने सभी विद्यार्थीयो को दो कर्त्तव्य पथ पर चलने के लिए शपथ दिलाया 1. अपने से वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करना है तथा 2. पूरे महाराष्ट्र प्रदेश में नशा मुक्त अभियान चलाकर नशा रहित प्रदेश बनाना है । हम सभी नागरिकों को शहीदों के बताए मार्ग पर चलकर अनुकरण करते हुऐ जीवन के आचरण में लाना चाहिए। तभी शहीदों की आत्मा को प्रसन्नता होगी। नासिक परिसर के विद्यार्थियो ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए । स्वतन्त्रता दिवस कार्यक्रम का संचालन टाकेकर संकुल की छात्रा नंदिनी निकम और जान्हवी कछवे ने की।इस अवसर महाराष्ट्र नासिक के पुलिस अधीक्षक की तरफ से तरफ से नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने तथा आचरण में लाने के लिए पोस्टर के माध्यम से जागरुकता लाया गया। दोनों शिक्षण संस्था के अधिकारी, शिक्षक तथा कर्मचारी में डॉ कुमार, डॉ दाताराम पाठक, डॉ पी विद्याधर प्रभल, डॉ शैलेश पवार, डॉ शंकर आंधले, डॉ लक्षमेद्र, डॉ मंजू थेमदेव चने, डॉ स्वाति माजता, डॉ दीपांविता दास,अनुभाग अधिकारी सी आर जोशी, प्रशासनिक अधिकारी अब्दुल गनी शैख, छात्रावास रेक्टर बैकुंठ मिश्र, नीट+ जेई के विद्यार्थियो को सफल बनाने वाले शिक्षक राकेश मंडल, सुनील सिंह तथा उपदेश मान आदि भी उपस्थित रहें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button