Mumbai Maharashtra

9 दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए मिलेगी धनराशि


मुंबई: राज्य सरकार ने महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के दायरे का विस्तार करते हुए मरीजों को बड़ी राहत दी है। अब 5 लाख रुपये से अधिक की लागत वाली नौ दुर्लभ बीमारियों के इलाज का खर्च भी आरक्षित कोष से उठाया जाएगा। इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

बैठक में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके तहत मरीजों के दावों से प्राप्त राशि का उपयोग राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसाइटी के आरक्षित कोष और सरकारी अस्पतालों को सशक्त बनाने में किया जाएगा।

संशोधित दिशानिर्देशों से अस्पतालों को लाभ

11 जनवरी 2019 के पुराने दिशानिर्देशों में संशोधन कर धनराशि के वितरण का नया फार्मूला तय किया गया है। अब सोसाइटी से प्राप्त कुल राशि का 20 प्रतिशत आरक्षित कोष में जाएगा, जबकि शेष 80 प्रतिशत राशि अस्पतालों को दी जाएगी। इसमें से 19% राशि अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं, 40% उपभोग्य सामग्री व दवाइयों, 20% कर्मचारियों के प्रोत्साहन भत्ते और 1% प्रचार-प्रसार पर खर्च होगी।

बीमा की सीमा और दुर्लभ बीमारियों की चुनौती

वर्तमान में योजना के अंतर्गत प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का बीमा उपलब्ध है। लेकिन यकृत, अस्थि मज्जा, हृदय, फेफड़े आदि के प्रत्यारोपण जैसे महंगे उपचार इस सीमा से बाहर हैं। गरीब और जरूरतमंद मरीज इनका लाभ नहीं उठा पा रहे थे, जिसे अब आरक्षित निधि से कवर किया जाएगा।

नौ बीमारियों के लिए विशेष सहायता

राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसाइटी द्वारा नौ महंगे उपचारों का खर्च उठाया जाएगा। इनमें हृदय प्रत्यारोपण (15 लाख रुपये), फेफड़े प्रत्यारोपण (20 लाख रुपये), हृदय व फेफड़े प्रत्यारोपण (20 लाख रुपये), यकृत प्रत्यारोपण (22 लाख रुपये), अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (एलोजेनिक – 9.5 लाख रुपये), अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (असंबंधित – 17 लाख रुपये), अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (हैप्लो – 17 लाख रुपये), ट्रांसकैथेटर महाधमनी वाल्व प्रत्यारोपण (TAVI – 10 लाख रुपये) और ट्रांसकैथेटर महाधमनी वाल्व प्रतिस्थापन (TMVR – 10 लाख रुपये) शामिल हैं।

प्रोत्साहन भत्तों में बदलाव

इस योजना में सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन भत्ते में भी संशोधन किया गया है। कैबिनेट ने पुराने निर्णय में भत्ते की सीमा में छूट देते हुए नए ढांचे को मंजूरी दी है, ताकि स्वास्थ्यकर्मी अधिक सक्रियता से इस प्रक्रिया में भाग ले सकें।

विशेष समिति का गठन

योजना की सुचारू कार्यप्रणाली के लिए विशेष उपचार सहायता एवं सशक्तीकरण समिति बनाई जाएगी। लोक स्वास्थ्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता में गठित यह समिति सर्जरी और उपचार की दरों में बदलाव के साथ-साथ प्राप्त धनराशि और आरक्षित कोष के उपयोग की निगरानी करेगी।

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