ठाणे मनपा प्रभाग 16 अ,ब,क,ड धनुष बाण की टंकार में धीमा पड़ती मशाल की लौ, इंजन,हाथ ठंडा
ठाणे वागले इस्टेट के प्रभाग 16 चारों अ,ब,क,ड में टंकार तो शिवसेना के धनुष बाण की ही है मगर मशाल की धीमी लौ सुस्त प्रचार से किसी ठोस नतीजे पर अभी नहीं बता सकते।

उल्लेखनीय है कि यह पूरा वागले इस्टेट के तीनों प्रभाग16-17-18-19 पर शिवसेना का धनुष बाण की चर्चा इसलिए भी है कि यह क्षेत्र शिवसेना का गढ़ माना जाता है शिवसेना नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का यह ऐसा क्षेत्र है कि इसमें किसी दूसरे की दाल गलना किसी पहेली जैसी ही है। फिर भी अगर ऐसे समय में चुनाव में दिन रात डटे प्रचार में पसीना पसीने हुए लोग अपने होने का अहसास जरूर दिला रहे हैं।

शिवसेना ने इस बार 16अ पर कार्य सम्राट नगरसेवक मनपा शिक्षण समिति के चेयरमैन रहे युवा शक्ति की पहली पसंद योगेश जानकर की डाक्ट्रेट पत्नी डॉ दर्शना योगेश जानकर को मैदान ए जंग में उतार कर यह दिखाया है कि परिवार प्रेम से अधिक ऐसे चेहरे को लाना जरूरी है जो न सिर्फ पढा लिखा हो बल्कि अपने क्षेत्र में भी पारंगत हो।समाजसेवा में गहरी रूचि और दिन रात डटी दर्शना महिलाओं और युवतियों के बीच काफी लोकप्रिय है।

इनका सीधा मुकाबला है उबाठा की भिसे संजय बालु से जो शिक्षित और संगठन में समाजसेवा भावनाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं ।इसके अलावा निर्दलीय अशोक कांबले, सचिन कुमार भी निर्दलीय प्रत्याशी खड़े हैं।

प्रभाग 16 ब से आरती रोशन पाटिल मनसे शिवसेना एनसीपी शरद पवार गुट की ओर से चुनावी मैदान में हैं वहीं शिवसेना की शिल्पा जितेन्द्र वाघ से उनका सामना होगा जबकि श्रद्धा रामदास साबले निर्दलीय प्रत्याशी हैं।

प्रभाग 16 क पर रश्मी राजहंस सावंत की सीधी टक्कर पूर्व नगरसेवक सरदार गुरुमुख सिंह स्यान की पत्नी मनप्रीत कौर गुरुमुख सिंह से है। अर्चना गौतम वाव्हल बहुजन विकास आघाड़ी और सौ नंदा प्रकाश और सुनिता सोनार निर्दलीय प्रत्याशी है
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प्रभाग 16 ड खूब चर्चे में इसलिए भी है कि इस बार शिवसेना ने प्रत्याशी पूर्व नगरसेवक मनोज शिंदे को मैदान ए जंग में भेजा है। मनोज शिंदे की स्थानीय क्षेत्रों में ठीक ठाक पकड़ भी है और वे काफी समय तक यहां के नगरसेवक रहे हैं । उनके समक्ष अन्य पार्टियों के प्रत्याशियों में भारतीय कांग्रेस पार्टी से धन सिंह कालु सिंह आम आदमी पार्टी से अंड सनी वर्मा वंचित बहुजन से संदीप खरात, अस्थाना देवेंद्र और माणिक पाटिल समीर सावंत निर्दलीय प्रत्याशी खड़े हैं। अब देखना यह है कि प्रभाग के जागरूक मतदाता किस पर अपना विश्वास जताते हैं। फिलहाल सभी उम्मीदवारों को पसीना पसीने होते लोग देख रहे हैं। लोगों के समक्ष पिछले सालों पूर्व तक नगरसेवक जनप्रतिनिधियों को समझने जानने का गूढ़ अनुभव हैं। इन्हीं पिछले सालों में कोरोना जैसे महामारी में जनता का साथ किसने किस हद्द तक दिया है। यह दिखाने का समय उसके पास है ।
खैर बहुत लंबा समय अब शेष नहीं वस कुछ ही दिनों में पानी का पानी दूध का दूध होगा।
