‘डंकी रूट’ से अमेरिका में घुसपैठ अमेरिका की वैध यात्रा का झूठा वादा कर मानव तस्करी करने वाले दो गिरफ्तार

करनाल। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को ‘डंकी रूट’ के जरिए अमेरिका में अवैध घुसपैठ कराने वाले मानव तस्करी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की। हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले रवि कुमार और गोपाल सिंह को इस ऑपरेशन के दौरान हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई NIA केस RC-10/2025/NIA/DLI के तहत की गई।
चार जगहों पर चला तलाशी अभियान
NIA ने करनाल के दो ठिकानों के अलावा यमुनानगर (हरियाणा) और गुरदासपुर (पंजाब) में भी छापेमारी की। जांच एजेंसी ने डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जब्ती के साथ-साथ इस अंतरराष्ट्रीय इमिग्रेशन रैकेट से जुड़े नए सबूत भी जुटाए हैं।1
अमेरिका ले जाने का झांसा देकर करते थे ठगी
NIA की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रवि और गोपाल, एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह का हिस्सा थे। ये लोग भारतीय नागरिकों को वैध वीजा के बहाने अमेरिका ले जाने का झांसा देते थे। गोपाल ने इस साजिश को मुख्य आरोपी जय कुमार और रवि के साथ मिलकर अंजाम दिया।
होटल बुकिंग से लेकर पैसे वसूली तक की जिम्मेदारी
आरोपी गोपाल, पीड़ितों की होटल बुकिंग, यात्रा प्रबंधन और अन्य देशों के रास्ते अवैध प्रवेश के लिए एजेंट की भूमिका निभाता था। इसके अलावा, वह पीड़ितों और उनके परिवारों से बड़ी रकम वसूलने में भी अन्य आरोपियों की मदद करता था।
शिकायत के बाद खुला रैकेट का पर्दाफाश
यह मामला उस वक्त सामने आया जब हरियाणा के नारायणगढ़ निवासी शुभम सैनी को अमेरिका में अवैध रूप से घुसते वक्त पकड़ा गया और उसे भारत वापस भेजा गया। उसने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उसे दक्षिण और मध्य अमेरिकी देशों के रास्ते अमेरिका पहुंचाया गया था। वहां उसे बंधक बनाकर कई बार प्रताड़ित किया गया और उसके परिवार से करीब ₹42 लाख की वसूली की गई।
अंतरराष्ट्रीय तार, जांच जारी
NIA अब इस रैकेट से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। जांच एजेंसी अन्य सहयोगियों की पहचान करने, धन के स्रोत और उपयोग की जांच तथा मानव तस्करी के इस पूरे सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।