राज और उद्धव सेना हो रही है कमजोर
कई
पदाधिकारियों ने थामा शिवसेना का धनुष-बाण
इतिहास संभाल नहीं पाए इतिहास रचने निकले -एकनाथ शिंदे
इतिहास संभाल नहीं पाए, इतिहास रचने निकले — एकनाथ शिंदे का करारा सवाल
पहले सोने के अंडे खाए, अब मुर्गी काटने की तैयारी!

मुंबई शिवसेना के मुख्य नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में आज मनसे, उबाठा गुट और कांग्रेस के कई पदाधिकारियों ने आज शिवसेना में प्रवेश किया है। यह राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।एक ओर जहां राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे साथ आकर गठबंधन कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उनकी ही पार्टियों के पदाधिकारियों का उन पर से विश्वास उठता नजर आ रहा है। इसी असंतोष के चलते बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने शिवसेना का दामन थाम लिया। इस प्रवेश को आगामी चुनावों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इससे महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।

आज नासिक और कोल्हापुर जिला के उबाठा , मनसे और कांग्रेस के सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में प्रवेश किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री शिंदे ने उबाठा पर सीधा निशाना साधते हुए कहा की कुछ गठबंधन जनता और राज्य के हित में बनते हैं, जबकि कुछ गठबंधन स्वार्थ, सत्ता और अपने अस्तित्व को बचाने के लिए किए जाते हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चाहे गठबंधन किसी का भी किसी से हो, लेकिन महाराष्ट्र में महायुति पूरी तरह मजबूत है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महायुति ने जीत दर्ज की है। इसके साथ ही नगर परिषद चुनावों में महाविकास आघाड़ी के तीनों दलों से ज्यादा अकेली शिवसेना के नगर अध्यक्ष चुने गए हैं।

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि जिन्होंने बाळासाहेब ठाकरे के इतिहास को नहीं संभाल पाए वो क्या इतिहास बनाएंगे बाला साहब के विचारों को छोड़ने वाले को महाराष्ट्र की जनता ने साढ़े तीन साल के भीतर उनकी असली जगह दिखा दी है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा की कुछ लोग अब तक मुंबई को सोने का अंडा देने वाली मुर्गी समझते थे। पहले अंडे खाते थे, अब मुर्गी को ही काटने के लिए एक साथ आए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मुंबई के पुनर्विकास की समस्या का समाधान महायुति सरकार ने निकाला है और जो ३५ लाख मुंबईकर मुंबई से बाहर चले गए थे, उन्हें मुंबई में घर देने की शुरुआत इसी सरकार ने की है। महायुति ने पगड़ी प्रथा खत्म करने का संकल्प लिया है। रमाबाई नगर और कमाठीपुरा का पुनर्विकास शुरू हो चुका है। हम जो कहते हैं, वो करके दिखाते हैं।उन्होंने आगे कहा कि मुंबई की सड़कों, डामर, मीठी नदी की गाद और कोविड काल में जिन लोगों ने भ्रष्टाचार की हदें पार की, उनका मंगल कलश पर बोलना एक बड़ा मजाक है।उन्होंने आगे कहा कि अब तक इन्होंने मराठी मानुष को कमजोर करने का काम किया है। चुनाव आते ही इन्हें मराठी मानुष याद आता है, लेकिन मुंबईकर समझदार है और उसे विकास चाहिए।
नाशिक और कोल्हापुर में उबाठा ,मनसे के सैकड़ों कार्यकर्ताओं का शिवसेना में प्रवेश
नाशिक और कोल्हापुर जिलों में उबाठा ,कांग्रेस और मनसे के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आज शिवसेना में प्रवेश किया। कांग्रेस से नगरसेवक राहुल दिवे, नगरसेविका आशाताई तडवी और पूजा नवले ने भी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में प्रवेश किया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस के नाशिक शहर उपाध्यक्ष अनिल जोंधले, निर्दलीय पूर्व नगरसेवक सुनील बोराडे, कोल्हापुर के चंदगड उप जिला प्रमुख प्रभाकर खांडेकर, महेश खांडेकर, राष्ट्रवादी बेस्ट कामगार यूनियन के अध्यक्ष संभाजी काशिद, भारतीय कामगार सेना के उपाध्यक्ष कृष्णा पाटील, मनसे के जिला अध्यक्ष सुमित खांबेकर के साथ और ४ जिला अध्यक्ष शिवसेना में शामिल हुए साथ ही मनसे के मराठवाड़ा क्षेत्र के चार जिलाध्यक्षों ने आज शिवसेना का धनुष-बाण हाथ में लिया।