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मनपा चुनाव में उत्तराखंड समाज ने मांगी हिस्सेदारी

मुंबई देश की राजनीति और रक्षा के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल करने वाला उत्तराखंडी समाज स्थानीय निकाय चुनाव में यथोचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से उपेक्षित महसूस कर रहा है। महानगर में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियों में सक्रिय उत्तराखंड मूल के मुंबईकरों ने इस बार 2026 के महानगरपालिका चुनावों में अपनी-अपनी पाटिर्यों से टिकट की दावेदारी की है।

बहादुर बिष्ट

इनमें वर्सोवा विधानसभा क्षेत्र के मनपा वार्ड क्रमांक 64 से सौ. विनीता महेंद्र सिंह गोसाई ने भाजपा से टिकट की दावेदारी की है। वहीं वडाला विधानसभा क्षेत्र के मनपा वार्ड क्रमांक 181 से धीरज सिंह रावत ने भाजपा से टिकट मांगा है। भाजपा मुंबई उत्तराखंड सेल के अध्यक्ष महेंद्र गोसाई के मुताबिक, उत्तराखंड समाज के करीब 10 लाख लोग महानगर के विभिन्न उपनगरों में हैं। विशेषकर कांदिवली, जोगेश्वरी, घाटकोपर, विक्रोली, भांडुप, मुलुंड, मीरा-भायंदर, वसई-विरार के अलावा ठाणे और नवी मुंबई के कई वार्डों में उत्तराखंडी मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं।

. विनीता महेंद्र सिंह गोसाई

इसके बावजूद सभी दल इस आबादी को मनपा चुनाव में प्रतिनिधित्व देने में अनदेखी करते आए हैं। गोसाई ने उम्मीद जताई की इस बार भारतीय जनता पार्टी मुंबई मनपा में उत्तराखंड समाज के लिए प्रतिनिधित्व का द्वार खोलेगी।-मीरा-भायंदर से ललिता दलवी रौतेला ने मांगा टिकट मुंबई मनपा के अलावा भाजपा की कार्यकर्ता ललिता दलवी रौतेलाने मीरा-भायंदर मनपा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से टिकट की दावेदारी की है। ललिता दलवी मीरा-भायंदर मनपा के वार्ड क्रमांक 12 से दावेदारी कर रही हैं। वह पिछली बार मनपा में मनोनीत सदस्य रह चुकी हैं।

धीरज सिंह रावत

हालांकि मीरा-भायंदर में विधायक नरेंद्र महेता के परिवारवाद के कारण उनको टिकट मिलने की राह इतनी आसान नहीं है। वहीं मीरा-भायंदर मनपा के प्रभाग क्रमांक 3 से श्रीमती ललिता बिष्ट बहुजन विकास अघाड़ी से टिकट की दावेदार हैं।दूसरी तरफ ठाणे मनपा चुनाव के लिए इस बार कांग्रेस के कार्यकर्ता अमन पप्पू बर्तवाल ने प्रभाग क्रमांक 3 से दावेदारी की है। कांग्रेस से ही एड. दरमियान सिंह बिष्ट ने ठाणे मनपा के प्रभाग क्रमांक 4 से टिकट मांगा है। वहीं पनवेल मनपा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के दिलीप सिंह बिष्ट ने कलंबोली प्रभाग क्रमांक 10 से उम्मीदवारी जताई है।

अमन पप्पू वर्तवाल

ठाणे नवी मुंबई में जगी थी उम्मीदमहानगर में उत्तराखंडियों में राजनीतिक भागीदारी की उम्मीद ठाणे से जगी थी। यहां 1992 के ठाणे मनपा चुनाव में महादीप बिष्ट मुन्ना सेठ ने निर्दलीय चुनाव लड़कर चुनावी राजनीति का आगाज किया था। लेकिन उन्हें सफलता साल 1997 में निर्दलीय के रूप में मिली थी। साल 2007 और 2012 में वे राकांपा (अविभाजित) से नगरसेवक चुने गए थे। अब वे ठाणे मनपा के प्रभाग क्रमांक 22 से प्रबल दावेदार हैं।

एड दरमियान सिंह बिष्ट

महादीप बिष्ट इससे पहले एनसीपी में थे मगर उनके वरिष्ठ नेता विधानपरिषद सदस्य निरंजन डावखरे के भाजपा में शामिल होने के बाद उनके सभी समर्थक नगरसेवक भाजपा में शामिल हो गए जिनमें बिष्ट भी हैं अब यह कर्तव्य निरंजन डावखरे का बनता है कि वे अपने साथियों को कैसे प्रतिनिधित्व देते हैं। महादीप बिष्ट एकमात्र स्थानीय क्षेत्र में एक कार्य सम्राट नगरसेवक रहे हैं और उनकी छवि साफ सुथरी है इसलिए उन्हें टिकट मिलता है तो वे भारी मतों से जीत सकते हैं।-नवी मुंबई मनपा में मिली थी दूसरी सफलताउत्तराखंडियों को दूसरी सफलता नवी मुंबई महानगरपालिका में मिली थी। यहां बहादुर सिंह बिष्ट दो बार शिवसेना (अविभाजित) से नगरसेवक रह चुके हैं। नवी मुंबई मनपा के पूर्व नगरसेवक बहादुर बिष्ट महानगर में प्रवासियों के राजनीतिक इतिहास रचने के प्रमुख चेहरे हैं।

इस बार 2026 के मनपा चुनाव में वे शिवसेना (शिंदे) से ऐरोली के चिंचोली वार्ड से टिकट के दावेदार हैं।-मनपा चुनाव 2026 में भावनाओं के सम्मान की उम्मीदवैचारिक स्तर पर मुंबई में उत्तराखंड के लोगों का भाजपा से जुड़ाव रहा है। 2016 में धर्मानंद रतूड़ी की अध्यक्षता में मुंबई में भाजपा का उत्तराखंड सेल बना था। अब महेंद्र सिंह गोसाई की अध्यक्षता में यह सेल मुंबई के कई वार्डों में गठित हो चुका है। उम्मीद है भाजपा इस बार उत्तराखंड समाज को नजरंदाज नहीं करेगी।रमण मोहन कुकरेती अध्यक्ष, गढ़वाल भातृ मंडल मुंबई –उत्तराखंड प्रवासी समाज लाखों की संख्या में मुंबई और उपनगरों में रहता है। वे विभिन्न दलों को मजबूत करने अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

इसलिए सभी पार्टियों को उत्तराखंड मूल के लोगों को भी मनपा चुनाव में टिकिट देना चाहिए।-मनोज भट्ट, अध्यक्ष, देवभूमि सोशल फाउंडेशन व मुख्य संयोजक मुंबई, कौथिग————-देवभूमि से रोजी रोटी के लिए मुंबई आए उत्तराखंडी समाज ने अपनी मेहनत और इमानदारी से महानगर में अपनी अलग पहचान बनाई है। इस समाज के लोगों को यदि महानगरपालिका में प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता है तो अवश्य वे इमानदारी से अपने वार्ड के विकास को नई दिशा दे सकते हैं। गोविंद आर्य वरिष्ठ पत्रकार

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